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घाटी में शुरू हुआ ज़बरदस्त ग़दर, कश्मीर पुलिस ने ही भारतीय सेना के खिलाफ शुरू किया विद्रोह, दंग रह गए लोग..

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हमारी भारतीय सेना के जवानों को कई तरह के दुश्मनों का सामना करना पड़ता है, कभी सीमा पार से आ रहे दुश्मनों से, कभी देश के अंदर पल रहे दुश्मनों से तो कभी पुलिस से. जी हाँ आप भी दंग रह जाएंगे, कश्मीर से आ रही है बेहद हैरान करने वाली खबर यहाँ खुद कश्मीर पुलिस ने भारतीय सेना के खिलाफ विद्रोह छेड़ दिया है.

कश्मीर पुलिस का ट्रैक रिकॉर्ड पहले भी बहुत खराब रहा है, कई पुलिसवाले हथियार समेत भागने या गायब होने की खबर आती रहीं और बाद में वे आतंकी संगठन में शामिल पाए गए हैं. तो कई बार आतंकवादी इन पुलिसवालों से बड़ी आसानी से हथियार छीन कर भाग जाते हैं. अभी तक तो सीएम मुफ़्ती ही सेना के खिलाफ थी आज तो हद पार हो गयी कश्मीर पुलिस ने भी सेना पर ही FIR करवा दी.

J&K पुलिस ने सेना के ही खिलाफ छेड़ा विद्रोह
अभी मिल रही बड़ी खबर अनुसार जम्मू-कश्मीर में एक कॉलेज लेक्चरर की मौत के मामले में पुलिस ने अपनी जांच में भारतीय सेना के 23 जवानों को जिम्मेदार ठहराया है. ये सभी जवान सबसे खतरनाक रेजिमेंट 50 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) से ताल्लुक रखते हैं. कश्मीर पुलिस ने इसी के साथ इन जवानों के खिलाफ केंद्र में मोदी सरकार से केस चलाने की इजाजत मांगी है.

ये सेना को बदनाम करने की बड़ी साज़िश है. आज इन पथरबाज़ों का समर्थन ये पुलिस कर रही है जब यही पत्थरबाज बाढ़, भूकंप में डूब रहे होते हैं तब यही सेना के जवान अपनी जान पार खेलकर सबको बचते हैं और बदले में उन्हें क्या मिलता है सिर्फ पत्थर, पैट्रॉल बम.

कश्मीर में ऊँचे स्तर पर सफाई की ज़रूरत आ गयी है आज, क्यूंकि देखा गया है जब भी कोई आतंकी मारा जाता है ये लोग उसके जनाजे में पाकिस्तान का झंडा ISIS का झंडा लहराते हुए देशविरोधी नारे लगाते हैं.

गौरतलब है कि अगस्त 2016 में सेना की हिरासत में 30 वर्षीय एक लेक्चरर की मौत हो गई थी, जिसके लिए 23 जवानों को जिम्मेदार ठहराया गया था. ये वहीँ सेना के जवान हैं जिन्हे कश्मीर में आतंकवादियों के खात्मे के लिए बुलाया जाता है. ये वही सेना के जवान हैं जो पथरबाज़ों का सामना न कर पाने में असमर्थ पुलिस के बचाव में आते हैं.

अवंतिपुरा एसएसपी मो.जाहिद ने बताया, “दो हफ्ते पहले इस मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने जांच पूरी की थी. अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है। हमें उनके (सेना के लोगों) खिलाफ केस चलाने के लिए ऑर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट (एएफएसपीए) के तहत मंजूरी चाहिए होगी.

केंद्र में मोदी सरकार हमेशा से सेना के साथ खड़ी है, सेना के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.
इससे पहली अभी सीएम मुफ़्ती ने सेना के मेजर आदित्य के खिलाफ FIR करवाई थी. जिसका केस सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है.

मेजर आदित्य कुमार के पिता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने के लिए शुक्रवार (9 मार्च) को राजी हो गया. जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने गोलीबारी की एक घटना में नागरिकों की जान लेने के आरोप में मेजर के खिलाफ FIR दर्ज की थी.

10 गढ़वाल राइफल्स के मेजर कुमार और अन्य सैनिकों पर खुलेआम गोलीबारी करते हुए तीन पत्थरबाजों की मौत हो गयी थी. दरअसल जब 27 जनवरी को शोपियां जिले में गनोवपोरा गांव के पास भीड़ ने सेना के काफिले पर पत्थरबाजी करते हुए हमला किया था. इसके बाद 300 पत्थरबाजों की भीड़ ने सेना के वाहन को घेरकर उसमे आग लगा दी थी और सेना के अफसर को ज़िंदा जलाने जा रहे थे.

जिसके बाद आखिर सेना के जवान ने वही किया जो हर सैनिक को करना चाहिए था. वो अपने साथी अफसर को ज़िंदा जलते और तड़प तड़प के अमरते हुए कैसे देख सकता था और ना ही कायरों की तरह पीठ दिखाकर भाग सकता था. उसने तुरंत हवाई फायरिंग करके अपने साथी अफसर की जान बचायी. लेकिन अफ़सोस इस साहसी कार्य के लिए हमारी सेना को आज अदालत के कटघरे में खड़े हो कर अपनी बेगुनाही साबित करनी पड़ रही है.

ये विडियो भी देखें-:

इस ख़ास बात के बारे में जानकर विरोधियों के पसीने छूट जाएंगे…

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विश्व में बड़े-बड़े देश अपनी सेना की ताकत को लगातार बढ़ाने में लगे हुए हैं l ये देश आए दिन नयी-नयी टेक्नोलॉजी की मिसाइलों को विकसित कर रहे हैं l इसी को देखते हुए भारत भी अब इन देशों की सूची में शामिल हो गया है l

भारत ने भी अपनी सेना की ताकत बढ़ाने के लिए गुरुवार को सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण कर लिया l ऐसा करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन गया है l जब आप इस मिसाइल की खासियत जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे l

सबसे पहले आपको बता दें कि यह मिसाइल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वदेशी योजना के तहत बनाई गई है l पीएम मोदी शुरू से ही ‘मेक इन इंडिया’ की बात करते आए हैं l जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है पीएम मोदी ने देश की सेना को आधुनिक हथियारों उपलब्ध कराने और नए परीक्षण करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं l

पीएम मोदी ने विदेशों से भी भारतीय सेना के लिए नई तकनीक की मिसाइलों और हथियारों के लिए करार किया है l इस परीक्षण को लेकर रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि भारत ने अंतरिक्ष युद्ध की परिकल्पना जैसी उप प्रणाली का सफल परीक्षण किया है l इस नई प्रणाली से दुश्मन की मिसाइल को अपनी मिसाइल के जरिए हमला करने के पहले ही तबाह कर दिया जाता है l

भारत ने स्वदेशी रूप से विकसित “एडवांस्ड एअर डिफेंस” सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का ओडिशा के व्हीलर आइलैंड से सफल परीक्षण किया l आपको बता दें कि यह मिसाइल बेहद कम ऊंचाई से आने वाली किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही मार गिराने की क्षमता रखती है l भारत में इस साल किया गया यह तीसरा सुपरसोनिक इंटरसेप्टर परीक्षण है l

परीक्षण के दौरान ट्रैकिंग रडारों पर सिग्नल मिलने के बाद बंगाल की खाड़ी में अब्दुल कलाम द्वीप व्हीलर द्वीप पर तैनात इंटरसेप्टर मिसाइल हवा में दुश्मन मिसाइल को नष्ट करने के लिए आगे बढ़ी और सफलतापूर्वक निशाना लगाया l

7.5 मीटर लंबी एकल चरण ठोस रॉकेट प्रणोदन निर्देशित यह मिसाइल हाई-टेक कंप्यूटर और इलेक्ट्रो-मेकैनिकल एक्टीवेटर वाली दिशा निर्देशन प्रणाली से लैस है l इस परीक्षण से भारत के पड़ोसी देशों की रातों की नींद ही उड़ जाएंगी l इस मिसाइल के सफल परीक्षण से भारतीय सेना की ताकत और मजबूत हुई है l

वीडियो: देखिये जब तीन तलाक पर बने कानून को लेकर भिड़ गये मौलना रशीदी..

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वैसे तो तीन तलाक का मुद्दा कई महीनों से गर्म चल रहा है लेकिन अब लोकसभा में मोदी सरकार ने तीन तलाक पर बिल पेश किया तो इसके खिलाफ विचारधारा रखने वालों ने इसका विरोध शुरू कर दिया. टीवी चैनल्स पर इसको लेकर डिबेट भी खूब हो रही है.

आजतक पर एक ऐसी ही डिबेट का हिस्सा बने बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा और मौलाना साजिद रशीदी, जिसमें दोनों के बीच खूब गहमा-गहमी देखने को मिली. हालत यहाँ तक आ गयी कि दोनों के बीच तेज आवाज में बातें होने लगी.

दरअसल केंद्र सरकार ने मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर तीन तलाक के खिलाफ कानून का मसौदा तैयार कर लिया है जिसे कैबिनेट में मंजूरी भी मिल गयी है.

ऐसे में इसे इस्लाम के नियम कानूनों में दखल देने की बात करने वाले मौलवियों और मुस्लिम वोट के ठेकेदारों को ये बिल फूटी आँख भी अच्छा नही लग रहा. इस विषय पर बहस के दौरान संबित पात्रा और मौलाना रशीदी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली.

जो वीडियो हम आपको दिखाने जा रहे हैं उसमें मौलाना रशीदी, संबित पात्रा से कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि “मैं आपके पैर पकड़ता हूं..” जिसपर संबित पात्रा अपना पैर दिखाते हुए कहते हैं कि “मेरा पैर यहां है..” माहौल और ख़राब होता इससे पहले रोहित सरदाना ने मौके को संभाल लिया.

वीडियो

तीन तलाक की राजनीति

अजीब है ना! कि एक शब्द को तीन बार बोलकर(तलाक, तलाक, तलाक) एक मुस्लिम मर्द किसी भी महिला से पीछा छुड़ा लेता है और बाद में इस्लाम का हवाला देकर धर्म की बात करता है. इस देश में तीन तलाक ऐसा मुद्दा रहा है कि जिसे वोट बैंक के नजरिये से भी खूब भुनाया गया है.

साल 1978-शाहबानों केस

साल 1978 में शाहबानों केस में मुस्लिम महिलाओं की दुर्दशा का जमकर मजाक उड़ाया गया था. मजाक मुस्लिम महिलाओं का ही नही उड़ा था बल्कि सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी उड़ा था जिसमें शाहबानों को तीन तलाक देने के बाद उनके पति मुहम्मद खान को गुजारा देने को कहा गया था. जिस वक्त शाहबानों को तलाक दिया गया था, उनकी उम्र 62 वर्ष थी, पांच बच्चे भी थे.

लेकिन इसके बाद भी किसी मौलवी ने इस अधर्म को होने से नही रोका और ख़ामोशी की चादर ओढ़कर अपने मर्द होने पर घमंड करते रहे. केस को सात साल बीच चुके थे. कोर्ट ने शाहबानो के हक़ में फैसला सुनाया, जिसका ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने खुलकर और उग्र होकर विरोध किया. 1986 के उस दौर में कांग्रेस की सरकार थी.

माना जाता है कि कांग्रेस को लगा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मुस्लिम वोट बैंक खिसक सकता है. नतीजन कांग्रेस ने बहुमत का फायदा उठाते हुए कैबिनेट में मुस्लिम महिला (तालाक अधिकार सरंक्षण) कानून पास कर दिया और सर्वोच्चतम न्यायालय के फैसले को पलट दिया.

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भारत ने दिखाया अपना रौद्र रूप, दाग दी सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल, पाकिस्तान में मची खलबली

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भारत की स्थिति कांग्रेस के राज की तुलना में आज कितनी बदल चुकी है इस बात का अंदाजा आपको इस खबर को पढ़कर हो जाएगा.

अभी सोमवार को ही भारतीय जवानों पर हमले का बदला लेते हुए भारतीय सेना के पांच कमांडो के एक दल ने जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा को पार करते हुए पाकिस्तान की तीन सैन्य चौकियों को तबाह करते हुए पाक सैनिकों की लाशें बिछा दी थी. इसके बाद आज पीएम मोदी के न्रेतत्व में भारत ने पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाते हुए सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल दाग दी.

पाकिस्तान की परमाणु मिसाइल अब बेअसर

इस एडवांस्ड एयर डिफेंस सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल को पूरी तरह से स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है. इसका काम है दुश्मन द्वारा दागी गयी मिसाइल का पता लगा कर उसे बीच रास्ते में ही ध्वस्त कर देना ताकि देश को कोई नुक्सान ना पहुंचे.

ये सिस्टम खासतौर पर पाकिस्तान के खिलाफ जरूरी है क्योंकि पाकिस्तान अक्सर परमाणु हमले की धमकी देता रहता है, मगर अब उसकी परमाणु मिसाइल रास्ते में ही नष्ट कर दी जायेगी.

इसके परिक्षण के लिए पहले पृथ्वी मिसाइल दागी गयी और फिर इंटरसेप्टर मिसाइल को दागा गया, जिसने तुरंत पृथ्वी मिसाइल की लोकेशन पता लगा ली और ध्वनि की रफ़्तार से भी तेज गति से उड़ते हुए पलभर में उसे हवा में ही ध्वस्त कर दिया.

स्टारवार्स एयर डिफेंस सिस्टम से दुश्मनों में खौफ

जानकारी के मुताबिक स्टारवार्स के नाम से जाने जाने वाले इस सिस्टम का परीक्षण सफल रहा. इसके साथ ही भारत दुनिया के चार ऐसे मुल्कों में शामिल हो गया, जिनके पास यह अचूक रक्षा कवच है. अमेरिका, रूस, इजरायल और चीन के पास यह टेक्नोलॉजी पहले से है.

खबर के मुताबिक गुरूवार की सुबह 9ः45 मिनट पर ओड़िशा के समुद्रतट के समीप अब्दुल कलाम आईलैंड पर यह सफल परीक्षण किया गया. एयर डिफेंस सिस्टम का यह नौवां परिक्षण था. इस परिक्षण में अब्दुल कलाम आईलैंड से इंटरसेप्टर मिसाईल को दाग कर परीक्षण के लिए छोड़ी गयी पृथ्वी मिसाइल को नष्ट किया गया.

हर हमले का सख्ती से जवाब देगा भारत

इंटर सेप्टर मिसाइल ने बंगाल की खाड़ी के उपर हमला करने आती मिसाइल को नष्ट किया. इस डिफेंस मिसाइल सिस्टम को डीआरडीओ ने डेवलप किया है. यह इंटरसेप्टर मिसाइल पृथ्वी के वातावरण से बाहर 2000 किलोमीटर की दूरी तक दुश्मन के मिसाइल को नष्ट करने की क्षमता रखती है.

कांग्रेस सरकार के दौरान पिछले कई दशकों तक देश पर हुए आतंकी हमलों का जवाब केवल कड़ी निंदा से ही दिया जाता रहा, यही कारण है कि पाकिस्तान और चीन का साहस इतना बढ़ गया कि वो बात-बात पर भारत को आँखें दिखा देते हैं, लेकिन पीएम मोदी के राज में हालात बिलकुल बदल चुके हैं. दुश्मन के हर वार का जवाब निंदा से नहीं बल्कि हथियारों से दिया जाने लगा है.

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वीडियो: जाधव केस पर एक्शन में मोदी सरकार, कुलभूषण की माँ-पत्नी के साथ बदसुलूकी के बाद भारत पाकिस्तान को..

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पाकिस्तान ने सोमवार को दुनिया को दिखाने के लिए कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी से मुलाकात तो करा दी, लेकिन ये मुलाकात भी पाकिस्तान के एक सोचे-समझे प्रायोजित तरीके से हुई। जाधव की मां और पत्नी उन्हें देख तो सकीं लेकिन एक शीशे की दीवार के पार से। यही नहीं मुलाक़ात से पहले जाधव की पत्नी और मां की चूड़ियां, बिंदी और मंगलसूत्र तक उतरवा दिया गया।

पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव से मिलने गए उनकी मां और पत्नी से किए गए दुर्व्यव्हार को लेकर देश में काफी गुस्सा है। इस मामले पर आज विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी संसद को जानकारी दी। सुषमा ने जाधव की मां और पत्नी से हुए गलत बर्ताव की पूरी जानकारी दी।

जानिये पूरी कहानी..

सुषमा स्वराज के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से इस बात का आश्वासन दिया गया था कि मीडिया को कुलभूषण जाधव की पत्नी और मां से मिलने नहीं दिया जाएगा। पर ऐसा कुछ नहीं हुआl मीडियाकर्मी न केवल उनके नजदीक तक पहुंच गए, बल्कि उन दोनों को अपशब्द कहे गए। पाकिस्तानी मीडिया ने कुलभूषण की मां और पत्नी के सामने कुलभूषण को भी बुरा-भला कहा।

सुषमा स्वराज ने बताया कि जाधव की मां ने खुद उन्हें बताया कि पाकिस्तानी अफसरों ने सुरक्षा के नाम पर उनके बिंदी, सिंदूर के अलावा मंगलसूत्र भी उतरवा दिए। कुलभूषण की मां ने कहा कि उनके सुहाग के प्रतीक को न उतरवाया जाए लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गईl

कुलभूषण की मां जब अपने बेटे से मिलीं तो उन्हें बिना सिंदूर और मंगलसूत्र के देखकर संदेह कुलभूषण को अपने पिता को लेकर संदेह हो गया। उन्होंने पूछा, ‘बाबा कैसे हैं?’ सुषमा ने पाकिस्तान के इस कृत्य की निंदा करते हुए कहा कि इससे ज्यादा बेअदबी कुछ नहीं हो सकती।

सुषमा ने आगे बताया कि कुलभूषण की मां अपने बेटे से मराठी में बातचीत करना चाहती थीं। अधिकारियों ने उन्हें बार-बार बातचीत करने से रोका और एक बार तो उस इंटरकॉम को ही बंद कर दिया, जिसके जरिए शीशे के दीवार के पीछे बैठी मां अपने बेटे से बात कर रही थीं।

यही नहीं, साड़ी पहनने वाली उनकी मां को सलवार-सूट पहनने के लिए दिया गया। मां और पत्नी, दोनों के कपड़े बदलवा दिए गए। सुषमा ने कहा कि अगर भारतीय अफसर वहां होते तो वह मौके पर ही पाक अफसरों की इस हरकत का विरोध करते।

सुषमा ने यह भी कहा कि मुलाकात से पहले जाधव की पत्नी के जूते उतरवाकर चप्पल दिए गए। बाद में मांगने पर भी जूते वापस भी नहीं किए गए। अब आरोप लगाया जा रहा है कि जूते में कैमरा या रिकॉर्डर लगा हुआ था। सुषमा ने सवाल उठाया कि दो बार फ्लाइट बदलकर पाकिस्तान पहुंचीं कुलभूषण की पत्नी के जूतों पर सुरक्षा कर्मचारियों की नजर कैसे नहीं पड़ी।

अगर एयर इंडिया ने मदद कर भी दी तो दुबई से पाकिस्तान की फ्लाइट के दौरान दूसरे देश की एविएशन कंपनी के अधिकारियों ने जूतों में ऐसी कोई खामी क्यों नहीं पकड़ी। सुषमा ने कुलभूषण की मां और पत्नी की ओर से दी गई जानकारी के हवाले से बताया कि कुलभूषण बेहद दबाव में नजर आ रहे थे। वह पूरी तरह स्वस्थ नहीं थे और ऐसा साफ लग रहा था कि वह पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा बताई गई लाइनें दोहरा रहे थे।

देखें वीडियो, सुषमा स्वराज ने सदन में बताया कुलभूषण जाधव की मां-पत्नी के साथ क्या बर्ताव हुआ..

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आतंकवाद के जनक सऊदी से आयी सनसनीखेज खबर, जानकर आप भी ख़ुशी से झूम उठेंगे- आखिर आ ही गया ऊँट पहाड़ के नीचे..

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इस्लामिक आतंकवाद अब दुनिया से पूरी तरह ख़त्म होने ही वाला है. सलाफी इस्लाम की आड़ में आतंकवाद का जनक सऊदी अरब अब घुटनों पर आ रहा है. सऊदी अरब पिछले काफी वक़्त से तेल कारोबार में भारी मंदी को झेलता चला आ रहा है, जिसके कारण टैक्स फ्री जीवन अब गुजरे जमाने की बात हो जाएगी.

बता दें कि खाड़ी क्षेत्र की सबसे बडी अर्थव्यवस्था कहलाने वाले सऊदी अरब और यूएई में अब तक कोई टैक्स नहीं वसूला जाता था और सरकार कई तरह की सब्सिडी भी देती थी.

कंगाली के कगार पर खाड़ी देश

तेल से मोटी कमाई करने वाले इन देशों में आम जनता को सरकार को अपनी कमाई पर ना तो कोई इनकम टैक्स देना होता था और ना ही किसी उत्पाद और सेवा को खरीदने पर कोई सेल्स टैक्स या सर्विस टैक्स देना होता था. मगर कई दशकों से चली आ रही ये परम्परा अब नए साल से ख़त्म हो जायेगी.

दरअसल यहाँ की सरकारें तेल से होने वाली कमाई के घटने के कारण काफी परेशान है और अब जनता से टैक्स वसूलने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं है. इसी के चलते 1 जनवरी 2018 से ये देश वैल्यू एडेड टैक्स व्यवस्था की शुरुआत करने जा रहे हैं.

वैट की पहल करने वाले दोनों देश गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के सदस्य हैं और इनके अलावा कुवैत, बहरैन, ओमान और कतर भी इसमें शामिल हैं. इन सभी देशों की कमाई का मुख्य जरिया तेल ही था, इसी को बेच-बेच कर इन देशों के पास अकूत दौलत आती थी. मगर पिछले कुछ सालों में वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट से यहाँ की सरकारों को काफी घाटा हो रहा है.

मिडिल ईस्ट में कम होंगे युद्ध के हालात

ख़ास बात ये भी है कि ये देश कभी शान्ति से भी नहीं रहते और आपस में ही युद्ध करते रहते हैं. यमन और सऊदी के बीच तो आये दिन राकेट व् मिसाइलें दागी जाती हैं. वहीँ ईरान का भी सऊदी से छत्तीस का आंकड़ा रहता है. ऐसे में इन देशों का हथियार और युद्ध की तैयारी के क्षेत्र में भी काफी पैसा खर्च होता है, जिसके चलते सरकार की कमाई लगातार कम हो रही है.

लिहाजा, दोनों देशों में सरकार ने नए साल से वैट के जरिए खाने-पीने के सामान, कपडे, इलेक्ट्रॉनिक और गैसोलीन, फोन, बिजली और पानी सप्लाई समेत होटल जैसे उत्पाद और सेवा पर कम से कम 5 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला किया है.

इसके अलावा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी वैट लगाने की तैयारी की जा रही है और स्कूली शिक्षा में स्कूल यूनीफॉर्म, किताबें, स्कूल बस फीस और लंच जैसी सेवाओं को टैक्स के दायरे में रखा जाएगा.

गौतलब है कि खाड़ी देशों में बढ़ते राजस्व घाटे के असर को कम करने के लिए 2015 में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल में सभी सदस्य देशों ने टैक्स फ्री तमगा हटाते हुए उत्पाद और सेवाओं पर टैक्स लगाने पर सहमति जताई थी. इसके बाद अब 2018 में सऊदी और यूएई इस दिशा में पहला कदम बढ़ा रहे हैं. माना जा रहा है कि इसके बाद अन्य खाड़ी देश भी इसी फॉर्मूले पर अपने-अपने देश में वैट लगाने की पहल करेंगे.

मुफ्तखोरी ख़त्म होने से आतंक का सफाया

जानकारों के मुताबिक़ तेल से होने वाली घटती कमाई से दुनिया में आतंकवाद में भी भारी कमी आएगी, क्योंकि सऊदी अरब को ही आतंक का जनक माना जाता है. तेल बेचकर आयी अथाह दौलत का इस्तेमाल दुनिया में सलाफी विचारधारा के प्रचार और आतंक को प्रायोजित करने के लिए किया जाता रहा है मगर अब वो दिन लदने लगे हैं.

जैसे-जैसे सऊदी समेत अन्य खाड़ी देशों का तेल व्यापार ठप्प होता जाएगा, वैसे-वैसे पैसे कमाने के लिए मेहनत करनी पड़ेगी और व्यापारिक सम्बन्ध बनाने के लिए दूसरे देशों के साथ अच्छे तालमेल बिठाने पड़ेंगे. सऊदी अरब तो इजराइल के साथ दोस्ती करने को भी काफी उत्सुक दिखाई दे रहा है.

सऊदी जलवायु बहुत ज्यादा उद्योग व् व्यापार के अनुकूल भी नहीं है, ऐसे में दूसरे देशों पर निर्भर रहना पडेगा. मेहनत से कमाए गए पैसे का महत्व समझ में आएगा.

अभी अभी: भारत-पाकिस्तान में छिड़ गया युद्ध, भारत ने लिया बदला- जिस बात से चिड़ा पाक..

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आजादी के बाद से अबतक भारत-पाकिस्तान में कई बार आमने सामने की लड़ाई हुए है. लेकिन इस बार का मामला थोडासा अलग है. अगर अब पाकिस्तान-भारत में युद्ध हुआ तो वो पानी को लेकर हो सकता है. पाकिस्तान और भारत कश्मीर के अपने अपने इलाके में हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना के काम में लगे है.

आपको बतादे की किशनगंगा नदी पर भारत का बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा है. इसी प्रोजेक्ट को पाकिस्तान कुछ दिनों से विरोध कर रहा है. पाकिस्तान को यह लग रहा है, की भारत अपने जरुरतो के लिए इस नदी के पानी को अपने ओर ओढ़ सकता है. इन दोनों देशो में लोकसंक्या तेजीसे बढ़ रही है.

और इसीके कारन ही, दोनों देशो में जन्संसधनो की कमी आ रही है. इसीलिए पाकिस्तान और भारत ताजे पानी पर नियंत्रण रखने की लगातार कोशिश कर रहे है. कुछ दिन पहले पाकिस्तान की केन्द्रीय बैंक ने एक रिपोर्ट जाहिर किया था इसके अनुसार पानी के कमी से देश में खाद्य सुरक्शा और लम्बी अवधिवृधि में कमी आएगी. अभी वर्तमान स्तिथि में ही देश की हालात बहुत ख़राब है. और इससे पाकिस्तान के हालात पहले से और ख़राब हो सकते है.

नीलम नदी का पानी सिन्धु नदी को जाके मिलाता है. लीलम नदी को ही किशनगंगा कहा जाता है. ये नदी तिब्बत से निकलती है और कश्मीर के रास्ते से पाकिस्तान में जा मिलती है.

पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त में पानी सब जरुरत इसी नदी से पूरी होती है. १९६० में भारत और पाकिस्तान में सिन्धु नदी के चलते दोनों देशो में सिन्धु जन समझौता हुआ था.

इस समझोते में यह तय किया था की भारत के पास बास, रावी और सतलज नदी के पानी को इस्तेमाल करनेका अधिकार है. जानकी पाकिस्तान के पास सिन्धु, चेनाब और झेलम नदी के पानी का इस्तेमाल का अधिकार है.

लेकिन पाकिस्तान के हिस्से में जो नदिया है वो भारत से होकर गुजरती है और इसीके कारन ही पाकिस्तान को हर वक्त ये डर सताता रहता है की कही एक दिन भारत इन नदियों के पानी पर रोक ना लगा दे. इसीके के कारन पाकिस्तान के भारत से भिड़ाने के आसार है.

पीओके में चल रहे हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रॉजेक्ट भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का एक और कारण बनता जा रहा है। दोनों देश यहां नीलम या किशनगंगा नदी पर बड़े से बड़े पावर प्लांट्स स्थापित करने में जुटे हैं। लाइन ऑफ कंट्रोल के दोनों ओर दो प्रॉजेक्ट्स पूरे होने वाले हैं। पाकिस्तान को डर है कि भारत की पानी की बढ़ती जरूरतों के चलते उसके प्रॉजेक्ट्स प्रभावित होंगे।

दोनों देशों के बीच यह इलाका बीते 70 वर्षों से विवाद का कारण बना हुआ है। अब पानी को अपनी ओर मोड़ने की होड़ ने इस संघर्ष को और तेज कर दिया है। नीलम नदी पर दोनों देशों के बीच ताजे पानी को कब्जाने के लिए जंग चल रही है। दोनों ही देशों की तेजी से बढ़ती आबादी के चलते जल संसाधन सिमट रहे हैं और उन्हें कब्जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

नीलम नदी का जल अंतत: एशिया की सबसे लंबी नदी सिंधु में जाकर मिलता है, जो दोनों देशों की संवेदनशील सीमाओं को तय करने का काम करती है। किशनगंगा कही जाने वाली नीलम नदी तिब्बत से निकलती है और कश्मीर के रास्ते पाकिस्तान जाती है। पाकिस्तान के पंजाब सूबे समेत बड़े इलाके की 65 फीसदी पानी की जरूरत नीलम नदी के जल से ही पूरी होती है। भारत के इलाके से होकर ही नीलम नदी पाकिस्तान तक पहुंचती है।

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अब मोदीजी और उनकी माँ के बारे में श्रुति सेठ ने जो कहा वो आपका खून खौला देगा, लेकिन फिर..

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पहले मोदी सरकार विपक्ष और अन्य पार्टियों की आलोचना का सामना करती थीl फिर धीरे-धीरे देश विरोधी विचारधारा वाले लोगों, और लिबरल गैंग ने भी पीएम मोदी, बीजेपी और आरएसएस को निशाने पर लेना शुरू कर दियाl अब फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के कुछ कलाकारों की भी इस तरफ नज़र पड़ी और उन्होंने इसे पब्लिसिटी कमाने के सबसे आसान तरीके के रूप में देखाl

ऐसे ही कलाकारों में से एक टीवी एक्ट्रेस श्रुति सेठ भी हैं जो पिछले कुछ समय से अपनी एंटी-मोदी छवि के साथ उभरती नज़र आ रही हैंl अफ़सोस की बात तो ये है कि ये सब करने के पीछे इनका मकसद सिर्फ सुर्खियाँ बटोरना है, जिसके लिए ये देश के प्रधानमंत्री को टार्गेट करने से भी पीछे नहीं हटतेl

लेकिन इस बार हद पार करते हुए उन्होंने पीएम मोदी के साथ साथ उनकी माताजी को भी घसीट लियाl

असल में ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ ने बाकि सभी न्यूज़ ख़बरों की तरह एक खबर ये भी ट्विटर पर डाली कि विजय रूपाणि के शपथ समारोह से पहले प्रधानमंत्री मोदी अपनी माँ हीराबेन से मिलने गया जो उनके छोटे भाई पंकज मोदी के साथ रहती हैंl

तो इस पर श्रुति सेठ ने ज़बरदस्ती बाल की खाल उधेड़ते हुए ट्वीट किया कि ‘ऐसे तो मैं भी शूट पर जाने से पहले अपनी माँ से मिलने गई थी जो मेरे भाई और पिता के साथ अँधेरी वेस्ट में रहती हैं, तो मुझे भी न्यूज़ में होना चाहिए..

शायद श्रुति ये भूल गई कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, और वो बस एक आम एक्ट्रेसl पीएम मोदी के प्रधानमंत्री होने के नाते उनकी गतिविधियाँ तो न्यूज़ में आएँगी हीl ऐसे में इस बात को बड़ा बनाना यही दर्शाता है कि श्रुति बस पब्लिसिटी के लिए ही ये सब करती हैंl बता दें ये पहली बार नहीं जब इन्होने एंटी-मोदी रोल निभाया हैl यहाँ आप उनके कुछ पुराने ट्वीट्स भी देख सकते हैं-

ये लोग बीजेपी और मोदी सरकार पर ही निशाना साधते हैं दूसरो पर नहींl ज़रा कोई बताये कि तब ये सब लोग कहाँ थे जब राहुल गाँधी को बिना बात के मीडिया हीरो बना रही थी? जी हाँ, एक अकबर कि क्लिपिंग सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही थी जिसमे राहुल गाँधी की अपनी डाटा उठाते हुए एक तस्वीर छपी थीl हेडलाईन में लिखा था-

“राहुल गाँधी ने ‘खुद’ अपन डाटा केबल उठा लियाl” अब इसमें कौनसी बड़ी बात थी जो राहुल गाँधी को इस अख़बार ने हीरो बनाकर पेश किया? लेकिन तब लिब्रल्स और कलाकारों ने कुछ नहीं कहा! आप भी कोशिश करें कि ऐसे लोगों की बातों में ना आयेंl

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कुलभूषण जाधव की माँ का पीएम मोदी पर बड़ा बयान, मोदी जी की वजह से ही मेरा लाल आज…

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सालों से जासूसी के कथित आरोप में पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने उनकी पत्नी और मां से मिलने की इजाजत दी. जिसके अंतर्गत बीते सोमवार पत्नी और मां कॉमर्शियल फ्लाइट से भारत से इलाहाबाद कुलभूषण से मिलने पहुंची थी. इसके बाद शीशे की एक दिवार के आस-पार उनकी मुलाक़ात कराई गई.

हालांकि दोनों की मुलाकात के दौरान वहां पाकिस्तान के अफ़सर और सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे और दोनों के बीच की सारी बातचीत भी रिकॉर्ड की गई. इस मुलाक़ात से कुलभूषण के परिवार को थोड़ी ही सही लेकिन सालों बाद एक राहत जरुर मिली जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि वे चाहते हैं जाधव जल्द देश लौटे.

कुलभूषण से मुलाक़ात से पहले भी उनके परिवार की तरफ से बयान आया था कि “इतने सालों बाद हमें कुछ राहत जरुर मिल पाई कि हम अब उन्हें (कुलभूषण को) देख सकेंगे.” बताया जा रहा है कि अपने बेटे से इतने सालों बाद मिलकर उनकी बूढी माँ काफी भावुक दिखी. जिसके बाद उन्होंने नम आँखों से ही कहा..

हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी और इस मामले से जुड़े सभी अधिकारियों का दिल से धन्यवाद देते हैं, उनकी ही वजह से आज मेरा लाल जिन्दा है.

बताते चले कि जाधव का परिवार का मानना है कि मोदी सरकार कुलभूषण को जल्द से जल्द वापस देश लेकर आयेगी.

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इस्लमाबाद में क्रिमसम डे के दिन कुलभूषण जावध से मुलाकात के दौरान उनके परिवार को पाकिस्तान की तरफ से किए गए अपमान को सुषमा स्वराज ने एक प्रोपगेंडा करार दिया। राज्यसभा में जाधव के मुद्दे पर सदन में बोलते हुए विदेश मंत्री ने कहा ना सिर्फ जाधव की पत्नी बल्कि उनके मां का भी मंगलसूत्र, चूड़िया और बिदीं उतरवाई गई और जाधव के सामने उन दोनों को विधवा की तरह पेश किया गया।

इससे ज्यादा नहीं गिर सकता पाकिस्तान

सुषमा स्वराज ने कहा कि पाकिस्तान इससे ज्यादा शर्मनाक और कुछ नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस बारे में हमने राजनयिक स्तर पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि हमने कल ही पाकिस्तान को इस बारे में नोट भेजा है। सुषमा ने कहा कि मुलाकात के वक्त जाधव काफी दबाव में थे। उन्होंने कहा कि जूती में जिस चिप की बात पाकिस्तान कर रहा है वह बेबुनियाद है। जूते के जरिए जासूसी का आरोप पूरी तरह से गलत है। विदेशमंत्री ने कहा कि परिवार तक मीडिया को पहुंचने की इजाजत नहीं थी।

जाधव की हालत ठीक नहीं

सुषमा स्वराज ने कहा कि उन्हें जाधव की पत्नी ने बताया कि वह अस्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि कुलभूषण जाधव को राहत देने की पूरी कोशिश करेगी सरकार। सुषमा ने कहा कि मुलाकात में मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ है।

ये देश की हर मां-बहन का अपमान है

इसके बाद जाधव मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने राज्यसभा में बोलते हुए इसे देश की हर मां और बहन का अपमान करार दिया।

इससे पहले बुधवार को कुलभूषण जाधव की अपनी पत्नी और मां से इस्लामाबाद में हुई मुलाकात के दौरान पाकिस्तान द्वारा लगाई गई पाबंदियों को लेकर आज यहां उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने पाकिस्तान की निंदा की। वहीं, सपा के एक नेता ने यह कह कर एक विवाद छेड़ दिया कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को आतंकी मानता है और वह उनके साथ उसी हिसाब से व्यवहार कर रहा है।

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पिछली सरकारों में हमारे देश के नेता काम के लिए कम और ऐश-ओ-आराम ज़िन्दगी काटने के लिए ज़्यादा जाने जाते थे. लेकिन मोदी सरकार में सबकी आराम तलवी पर ताला लगने वाला है. जनता के पैसों पर सरकारी बंगले में ठुसे रहना अब मुमकिन नहीं होगा, मोदी सरकार ने ऐसे मठऊसर नेताओं को बंगलो से बाहर फेंकने का इंतज़ाम कर दिया है.

पूर्व मंत्रियों और सांसदों को बंगले से उठा फेंकेगी मोदी सरकार

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक हाल हि मे संसद में आखिरकार वह बिल पेश किया गया जिसके बाद सरकारी घरों पर अवैध रूप से डटे हुए लोगों से घर खाली कराना बेहद आसान हो जाएगा. सरकार अवैध किराएदारों से घर खाली करने के लिए कानून में बदलाव करने जा रही है.

अब सरकार The Public Premises (Eviction of Unauthorised Occupants) Amendment Bill 2017 लोकसभा में पास कराने की कोशिश करेगी जिसमें सरकारी घर में गैरकानूनी रूप से डटे रहने वालों से निपटने का इंजताम है.

दरअसल हमारे देश में यह चलन काफी वक़्त से रहा है पूर्व मंत्रियों, पूर्व सांसदों और रिटायरमेंट के बाद भी कई अधिकारियों का सरकारी बंगला या घर नहीं खाली करते थे. इसी वजह से तमाम लोग अवैध रूप से सरकारी घरों में लंबे समय तक कब्जा जमाए रहते हैं.

इसकी वजह से मौजूदा सांसद और मंत्रियों को घर नहीं मिल पाता है और सरकार को उन्हें लंबे समय तक होटलों में रखना पड़ता है. सरकार को कई बार घर खाली कराने के लिए सालों इंतजार करना पड़ता है क्योंकि लोग घर नहीं खाली करने के बजाए बहाने से अदालत का स्टे ऑर्डर ले आते हैं और हमारी अदालत तो लेटलतीफी फैसलों के लिए मशहूर हैं, कोई फैसला नेताओं से जुड़ा हुआ जल्दी आ ही नहीं सकता.

लेकिन इस नए बिल के पास हो जाने से अब यह सब नहीं चलेगा. नए बिल में एस्टेट ऑफिसर को घर खाली कराने के लिए कानूनी रूप से ज्यादा अधिकार दिए जाने का प्रावधान है. बिल में ऐसे प्रावधान हैं कि एस्टेट आफिसर घर खाली करने की वक़्त सीमा ख़त्म होने के बाद कड़े कदम उठा सकेगा.

वह पूरी तरह से घर खाली करने का कानूनी नोटिस घर में रहने वाले को सौंप सकता है. नए कानून के तहत घर खाली करने के नोटिस के लिए अब एस्टेट ऑफिसर को लंबी चौड़ी प्रकिया पूरी नहीं करनी होगी.

कई लोग घरों में बने रहने के लिए कोर्ट से स्टे लेकर न आ जाएं इसलिए ये भी प्रावधान है कि घर खाली करने की नोटिस के बाद अगर कोई मकान खाली नहीं करता है तो उसे हर महीने मोटा हर्जाना देना होगा.

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